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मिथिला पंचांग विवाह मुहूर्त 2026-27

कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के पंचांग 2026-27 में विवाह के 63 शुभ दिन हैं। लगन 22 नवंबर 2026 से शुरू होकर 9 जुलाई 2027 तक चलेंगे।

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Maroon Heritage – शादी का बायोडाटा फॉर्मेट (हिंदी) फोटो के साथ

अंतिम अपडेट:

मिथिला पंचांग क्या है

मिथिला क्षेत्र के मैथिल परिवार विवाह, उपनयन, मुंडन और द्विरागमन (गौना) जैसे संस्कारों की तिथि अपने क्षेत्रीय पंचांग से तय करते हैं। इसमें सबसे प्रचलित है कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय का विश्वविद्यालय पंचांग। इसकी तिथियाँ अक्सर बनारसी या उत्तर भारत के दूसरे पंचांगों से अलग होती हैं, इसलिए मिथिला में शादी हो तो यही सूची देखनी चाहिए।

2026-27 में लगन की तिथियाँ

इस साल विवाह के 63 दिन हैं, जो पिछले साल के 45 दिनों से 18 ज़्यादा हैं।

महीनातारीखेंगिनती
नवंबर 202622, 25, 26, 304
दिसंबर 20264, 6, 9, 10, 11, 146
जनवरी 202718, 24, 28, 29, 315
फ़रवरी 20277, 10, 11, 15, 21, 22, 24, 25, 289
मार्च 20271, 3, 4, 10, 115
अप्रैल 202710, 21, 23, 25, 28, 296
मई 20272, 3, 7, 9, 13, 17, 20, 21, 23, 24, 26, 27, 30, 3114
जून 20272, 4, 9, 10, 13, 14, 18, 23, 249
जुलाई 20271, 2, 7, 8, 95

सबसे ज़्यादा लगन मई 2027 में हैं (14)। शादी का बड़ा सीज़न अप्रैल के आख़िर से जून तक है, जब गर्मी की छुट्टियों में दूर रहने वाले रिश्तेदार भी आ सकते हैं।

सीज़न कैसे बँटा है

  • नवंबर-दिसंबर 2026: 22 नवंबर से 14 दिसंबर तक 10 लगन। इसके बाद खरमास।
  • जनवरी-मार्च 2027: मकर संक्रांति के बाद 18 जनवरी से 11 मार्च तक 19 लगन; फरवरी सबसे भरा महीना है।
  • अप्रैल-जुलाई 2027: 10 अप्रैल से 9 जुलाई तक 34 लगन। इसके बाद चातुर्मास।
  • नवंबर 2027 से: ये तिथियाँ 2027-28 के पंचांग में आएँगी, जो आम तौर पर अप्रैल में जारी होता है।

उत्तर भारत की सूची से तुलना

63 में से 36 तिथियाँ उत्तर भारत के हिंदी पंचांगों की सूची में भी हैं, बाकी 27 सिर्फ़ मिथिला पंचांग में। उदाहरण के लिए 22 नवंबर और 30 नवंबर मिथिला में लगन हैं, जबकि उत्तर भारत की सूची में नहीं। उलटे, उत्तर भारत की 21 और 24 नवंबर मिथिला सूची में नहीं हैं। इसलिए मिथिला की शादी के लिए दूसरे राज्यों की सूची पर भरोसा न करें।

एक और फ़र्क: मिथिला पंचांग 10 अप्रैल 2027 को लगन देता है, जबकि उत्तर भारत के पंचांगों में 15 मार्च से 14 अप्रैल तक मीन खरमास के कारण कोई तिथि नहीं है।

तिथि तय करने से पहले

  1. ऊपर की तालिका से दो-तीन लगन चुनें और कुल के पंडित जी से वर-वधू की कुंडली के साथ मिलवाएँ। पंचांग में केवल तिथि है; लग्न का सही समय पंडित जी बताएँगे।
  2. सिद्धांत (पंजी) और गोत्र मिलान की परंपरा निभानी हो तो उसके लिए भी समय रखें।
  3. तिथि तय होते ही हॉल, बैंड और कैटरर बुक करें; मई-जून के लगन जल्दी भरते हैं।

रिश्ते की बात चल रही है तो मुफ़्त बायोडाटा बनाएँ और कुंडली मिलान देखें। मिथिला की सूची विवाह मुहूर्त टूल में "मिथिला" चुनकर भी देख सकते हैं, और नवंबर-दिसंबर की सभी सूचियाँ नवंबर-दिसंबर 2026 शादी के मुहूर्त में हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मिथिला पंचांग 2026-27 में विवाह के कितने लगन हैं?+

63 लगन, 22 नवंबर 2026 से 9 जुलाई 2027 तक। यह पिछले साल के 45 लगनों से 18 ज़्यादा है।

मिथिला में नवंबर-दिसंबर 2026 के लगन कब हैं?+

22, 25, 26 और 30 नवंबर; 4, 6, 9, 10, 11 और 14 दिसंबर।

मई 2027 में मिथिला पंचांग के लगन कौन-से हैं?+

2, 3, 7, 9, 13, 17, 20, 21, 23, 24, 26, 27, 30 और 31 मई। यह साल का सबसे व्यस्त महीना है।

क्या मिथिला पंचांग की तिथियाँ बनारसी पंचांग जैसी हैं?+

नहीं, पूरी तरह नहीं। 63 में से 36 तिथियाँ उत्तर भारत की सूची में भी हैं, बाकी अलग हैं। मिथिला की शादी के लिए विश्वविद्यालय पंचांग ही देखें।

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